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Poetic Mind

एक पल ऐसा भी आएगा जब हर लम्हा मेरा कहलाएगा,वो पल कुछ यूं हो जिसमे ये सारा जहाँ खुश हो ।…

मेरा लम्हा ऐसा हो जिसमे मैं जब चाहूँ मखमली फूलो का फर्श छोड़कर उड़ जाऊ वहाँ ,जहाँ तितलियाँ उड़ती हैं…वो पल कुछ यूं हो ,की मैं अपनी ख्वाहिशों की नाव पर सँवार होकर सपनो की नदी की सैर कर आउँ। …

इंतज़ार हैं की एक पल ऐसा भी आएगा जब बारिशो को तरसती आँखों में बादल लहराएगा तो उसमे एक आंसू खुसी का भी छलक जायेगा…

मुझे इंतज़ार हैं की एक पल ऐसा भी आएगा जब जलती सड़क पर पेड़ के साये का अहसाँस हर जलते कदमो को मालूम होगा ,वो पल भी कुछ यूं आएगा जो चेहरे पर गिरी ओस की बूँद को मोती के सामान चमका जायेगा..

मुझे इंतज़ार हैं एक पल ऐसा भी आएगा जो सन्नाटे में कोयल की कूंक सुना जायेगा , वो पल भी कुछ युँ दिलो में अपनी जगह ढूंढ लेगा जब रेत के धेरो पर यूँही कोई गुलाबी चुनरी अोड़ लेगा । …

एक पल ऐसा भी आएगा की मैं अलग ही दुनिया की सैर पर निकल जाऊँ, पर मेंरा ये छोटा सा जहाँन हमेंशा मुस्कुराता रहे…शायद , वो पल भी आएगा जब लोग मुझे याद करे और उनकी आँखे चुपके से नम हो जाये, पर वो पल भी कुछ युँ बीत जायेगा और फिर खुशियो के बादलो वाला पल भी छायेगा…

एक पल ऐसा भी आएगा…

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Author:

Travelling on the way to somewhere I belong😉

9 thoughts on “Poetic Mind

      1. I agree…But i like to learn new things and i always wanted to be a learner so its just that i always try to grab every possible knowledge….I hope your writing will help me in acknowledging new things as they are doing…

    1. धन्यवाद।…मुझे जानकर खुशी हुई की आपको यह पसंद आई।

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